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Sunday, 23 March 2014

भागो मत, जिओ.....

आज का यह टॉपिक मुझे मुझसे भी ज्यादा टेढ़ा नजर आ रहा हैं 
इवन मुझे तो यह भी समझ में नहीं आ रहा हैं कि इसकी शुरुआत कैसे करनी चाहिए 
भाग  जाना एक अच्छा शब्द हैं अभी जब एक दिन मैंने माँ से कहा था 
मुझे भी भागना हैं तो माँ ने कहा बेटा यह अच्छी बात नहीं हैं 
तो मैंने उन्हें कहा माँ मेरा मतलब हैं कि रेस लगाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता हैं :-)
वो हंस दिए थे क्यूंकि उन्हें उनकी परवरिश पर कोई शक नहीं हैं !!!
हां तो ठीक समझे आप मेरा मतलब किन्हीं दो प्रेमियों के भाग जाने से हैं 
अरे !ऐसे क्या ……कुछ समझो मैं प्रेम करने वालों का विरोध करने वालों में से नहीं हू 
लेकिन मैं उनके ऐसे तरीकों का कभी सपोर्ट नहीं कर सकती 
मुझे यह एक बेहद ही गम्भीर मुद्दा लगता हैं 
बेशक अगर कोई एक लड़की भाग जाती हैं तो सौ लड़कियों की आजादी पे बैन लगा दिया जाता हैं 
इसमें भी भागीदार लड़का व लड़की बराबर ही होते हैं लेकिन यहाँ भी लड़की की लक्ष्मण रेखायें उसके बीच में आ ही जाती हैं :(
मुझे इस मामले में कुछ अहम् कारण ऐसे लगते हैं -
(१ )-जो भाग जाते हैं उन बच्चों की परविरश शायद उनके पेरेंट्स ठीक से नहीं कर पाते हैं 
बच्चे बिल्कुल फसल की तरह ही होते हैं सो जैसा बोओगे वैसा ही काट पाओगे :-)
(२ )-शायद कुछ बच्चे यह नहीं समझ पाते हैं कि 
पल दो पल की भावनाओं में बहकर जिंदगी को बर्बाद करने से अच्छा हैं कि 
उन दो पलों को जिंदगी में जगह ही ना  दी जाए :-)
(३ )-बच्चों का पूरी तरह से मानसिक विकास ना हो पाना !!!


खैर बहुत सारे कारण मिल जायेंगे और मेरी सब बातें सही ही हैं 
मैंने ऐसा भी नहीं कहा हैं ,और ना ही इन टॉपिक्स पर कोई रिसर्च किया हैं 
महज बस एक दिन सुना किसी के भाग जाने के बारे में तब मन कर गया था इसपे लिखने का 
वैसे न्यूज़ पेपर में हर रोज आप ऐसी एक-दो खबरें तो देख ही सकते हैं :(
भागना किसी भी समस्या का एकमात्र हल नहीं हैं 
अगर हम इसे हल करने की कोशिश करें तो बहुत सारे अच्छे तरीके निकाले जा सकते हैं इन समस्याओं से बचने के !!!!!!!
महज किसी के साथ भागकर वो लोग क्या जताने की कोशिश करते हैं ???
क्या जन्म से लेकर आज तक जिन लोगों के साथ उन्होंने रिश्ते निभाए थे वो महज कच्ची मिट्टी के थे ,वो उनका प्यार ,उनका लालन-पालन क्या कुछ नहीं था :-)????
जो इन लोगों के साथ धोखा कर सकता हैं क्या गारंटी कि वो हमारे प्यार के साथ नहीं करेगा ???
क्या भागा नहीं जाए ,शादी ना की जाए तो प्यार नहीं रहता ????
इवन बच्चों को कोई गलत कदम उठाने से पहले इतनी हिम्मत दिखानी चाहिए कि 
वो अपने पेरेंट्स के साथ अपनी प्रॉब्लेम्स को शेयर कर सके ,क्या पता वो लोग 
कोई अच्छा हल निकाल ले ,जिंदगी भागने के लिए व मरने के लिए नहीं होती हैं 
यह जीने के लिए बनी होती हैं 
अपने लिए नहीं तो कम से कम उन अपनों के लिए तो जिओ 
जिन्होंने महज आपके चेहरे की मुस्कुराहट को बनाये रखने के लिए 
ना जाने कितने गमों को अपने उस चेहरे के पीछे दफ़न कर दिया होगा !!!!!
कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं होती हैं कि उसका हल ना निकाला जा सके 
छोटी-२ बातों के लिए मर जाना, अपने आपको खत्म कर लेना अच्छा नहीं :-)
बस इतना ही कहूगी कि लोग भागने से पहले या मरने से पहले उन लोगों के 
बारे में भी जरा सोचें जिनका वो अहम् हैं, नाज हैं 
आप हर किसी के लिए जरुर स्पेशल नहीं हैं लेकिन 
किसी ना किसी के लिए बहुत स्पेशल जरुर हैं :-)
एक मूवी का डायलाग याद आ रहा हैं -
किसी अपने के चले जाने पर ,उस अपने का या उस प्यार का  बहाना करके 
अपने आपको मिटा डालना ना केवल अपना अपमान हैं बल्कि उस जाने वाले व उस प्यार का भी अपमान होता हैं :-० !!!!!
यकीं हैं मुझे इस दुनिया के समझदार व बुद्धिजीवी लोग किसी का अपमान नहीं करेंगे ;-)

6 comments:

Kailash Sharma said...

आवश्यकता है माता पिता और बच्चों के बीच आपसी विश्वास पैदा करने की. माता पिता और बच्चों को एक साथ बैठ कर विचार करना चाहिए और ज़रूरी है कि माता पिता भी बच्चों के विचारों को समझें और अपने झूठे अहम् और ज़िद को छोड़ें जिससे कि बच्चों को घर से भागने या आत्महत्या की ज़रुरत महसूस न हो. बच्चों के विचारों को भी समझना और सम्मान देना जरूरी है और अगर वे गलत हैं तो उन्हें समझाने की कोशिश करनी चाहिए.

sarika bera said...

meri post ka saar sir aapki kewal inhi lines ne samjha diya......
bilkul sahi kaha aapne.......bahut-2 aabhar sir......:-)

sarika bera said...

meri post ka saar sir aapki kewal inhi lines ne samjha diya......
bilkul sahi kaha aapne.......bahut-2 aabhar sir......:-)

Digamber Naswa said...

आपने तो पूरी कि पूरी खोज कर ली इस विषय पे .. गहरा सोच लिया ... पर कुछ हद तक सहमत भी हूँ आपसे ... माता पिता और बच्चों के आपसी सम्बन्ध कैसे हैं इस बात बहुत निर्भर करता है ... बाकी मेरा मानना है भागना कोई समाधान नहीं है ... साथ रह कर समस्या सुलझाना अच्छा है ...

sarika bera said...

aap aaye.......bahut-2 aabhar sir......:-)

संजय भास्‍कर said...

अगर वे गलत हैं तो उन्हें समझाने की कोशिश करनी चाहिए......इसके लिए आपसी विश्वास कि बहुत आवश्यकता है