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Thursday, 19 May 2016

एक चिठ्टी उसकी भी..!!

आपको तो पता ही हैं हमें चिठ्ठियाँ लिखने का, पढ़ने का व पढ़ाने का बड़ा शौक हैं, आज वाली चिठ्ठी हमें हमारी ज़िन्दगी क्र सबसे खुबसूरत इन्सान व अजनबी ने लिखी हैं जो कुछ यूँ हैं-
प्यारी सारिका
तुम्हें पता हैं मुझे तुमसा लिखना नहीं आता हैं पर कोशिश कर रहा हूँ कुछ बातें तुम तक पहुँचाने की, तुम्हारे मिलने से पहले मैं सोचता हूँ मैं क्या था व दिन पर दिन मैं क्या होता जा रहा हूँ मुझे नहीं पता, तुमसे पहले भी खूब लड़कियां मिली हैं किसके नहीं होते हैं आजकल अफेयर्स, कौन नहीं करता हैं किसी और से बातें पर सच बताऊ अब तुम्हारे सिवा दिल की बात किसी और से करने का मन नहीं करता हैं, तुमसे पहले कोई भी मुझे कुछ बुरा कह देता तो भी मैं बिना कुछ सोचें बदला जरुर लेता था पर अब जिस दिन तुम मुझे कुछ सुनाती नहीं हो, कुछ बुरा नहीं कहती हो तो कुछ अधुरा व खाली सा लगता हैं मन बार बार कहता हैं कहीं तुम नाराज तो नहीं हो, तुम्हारे साथ की कुछ बातें एक पल में ज़िन्दगी आसान बना देती हैं, पहले मैं तुम्हारा लिखा पढ़ता था मैं सोचता था बस यह तो तुम लिखती हो तुम्हारी ज़िन्दगी भला ऐसी थोड़े ही हैं पर जब मैं तुम्हें देखता हूँ, तुम्हारे साथ जीता हूँ एक पल में  तुम्हारा रूठकर दुसरे ही पल फिर बच्चों सा खुश हो जाना कुछ चमत्कार सा ही लगता हैं, तुम कितनी शानदार इन्सान लगती हो मैं कभी हां शायद हाँ कभी लफ़्ज़ों में बयां नहीं कर पाऊगा, सोचता हूँ कोई इन्सान बच्चों सा इतना नेक दिल व इतना निश्चल कैसे हो सकता हैं.....तुम हमेशा ऐसे ही बनी रहना अपनी पवित्र सी ज़िन्दगी पर बेवजह इस दुनियादारी का रंग मत लगने देना, यकीन दिलाता हूँ तुम्हारे बारे में हमेशा दिल से ही सोचूंगा, फिर भी कभी भूलकर राहें भटकने लगूं तो प्लीज तुम संभाल लेना ना प्लीज..!!
तुम्हारा अनकहा..😝

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